गीत
अनेकों प्रश्न ऐसे हैं जो दुहराये नही जाते
मगर उत्तर भी ऐसे हैं जो बतलाये नहीं जाते
अभावों का सदा स्वागत इसलिए किआ मैंने
की घर आये हुए मेहमाँ लौटाए नहीं जाते
हुआ क्या आँख से आंसू अगर बाहर नहीं निकले
ये मर्म के गीत हैं , सदा गाये नहीं जाते …
अनेकों प्रश्न ऐसे हैं जो दुहराये नही जाते
मगर उत्तर भी ऐसे हैं जो बतलाये नहीं जाते
अभावों का सदा स्वागत इसलिए किआ मैंने
की घर आये हुए मेहमाँ लौटाए नहीं जाते
हुआ क्या आँख से आंसू अगर बाहर नहीं निकले
ये मर्म के गीत हैं , सदा गाये नहीं जाते …
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